Astrovastuyantra

Friday, 21 August 2015

शनि की साढ़ेसाती और कष्ट(Trouble from Sadhesaati)  
गोचर में जब शनि किसी जातक के जन्म अथवा नाम की राशि से द्वादश, प्रथम तथा द्वितीय स्थान पर होता है तो शनि की इस गोचरस्थिति को साढ़ेसाती कहते हैं। यथा - वर्तमान समय में शनि वृश्चिक राशि में है अतः इस समय तुला, वृश्चिक तथा धनु राशि वाले जातक की साढ़ेसाती चल रही है। शनि महाराज प्रत्येक राशि में लगभग अढ़ाई वर्ष तक रहते है तो तीनो राशियों के समय को मिलाकर साढ़े सात साल हो जाता है।

साढ़ेसाती में व्यक्ति को मानसिक पीड़ा, शारीरिक कष्ट, लड़ाई-झगड़ा, धन की हानि, रोग, शत्रुओं से भय, परिवार तथा बच्चे से परेशानी आदि होती है।क्या है साढ़ेसाती (What is Sadhesaati)

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