चंद्रग्रहण 4 अप्रैल 2015
हजारों धार्मिक श्रद्धालुओं/आस्थावानों के द्वारा अक्सर यह प्रश्न पूछा जाता है कि चंद्रग्रहण 4 अप्रैल 2015 के समय क्या करें, क्या न करें। इन प्रश्नों का उत्तर है ग्रहण के समय हमें शुभ कार्यों का सम्पादन करना चाहिए। यह शुभ कृत्य अत्यंत ही कल्याणकारी होता है। ग्रहण के सूतक तथा ग्रहण काल में हमें स्वयं के कल्याणकारी इच्छाओं के पूर्ति हेतू स्नान, ध्यान, दान, मन्त्र, स्तोत्र-पाठ, मंत्रसिद्धि, तीर्थस्नान, हवन-कीर्तन इत्यादि कार्यो का सम्पादन करना चाहिए। उपर्युक्त कार्यो के करने से बाधाओं की निवृत्ति एवं सुख की प्राप्ति होती है।
सूतक एवं ग्रहणकाल में क्या नहीं करना चाहिए
धार्मिक प्रवृत्ति के लोगो को स्वयं के कल्याणार्थ सूतक एवं ग्रहणकाल में निम्न कार्य नहीं करना www.astroyantra.com/चंद्रग्रहण-4-अप्रैल-2015-के-समय/
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